ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज : शिमला–मटौर फोरलेन निर्माण को लेकर गांव कोटला व बहल के ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष आपत्ति जताई है। ग्रामीणों ने उपमंडलाधिकारी (ना.) एवं भूमि अधिग्रहण प्राधिकृत अधिकारी अर्की को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि विभाग द्वारा बिना अधिग्रहण की गई निजी भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन परियोजना के तहत अवार्ड नंबर 13 व 15 दिनांक 25 मई 2023 के अनुसार अधिग्रहित भूमि राज्य मार्ग से लगभग 100 मीटर दूरी पर दर्शाई गई है। जबकि मौके पर जिस भूमि पर कार्य किया जा रहा है, वह ग्रामीणों की निजी भूमि है और राज्य मार्ग से मात्र लगभग 5 मीटर की दूरी पर स्थित है।

ग्रामीणों का कहना है कि 6 अप्रैल 2026 को विभाग द्वारा उक्त निजी भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जबकि यह भूमि अधिग्रहण में शामिल नहीं थी। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि बिना विधिवत अधिग्रहण की भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए तथा प्रभावित भूमि का उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही अवार्ड नंबर 13 व 15 में किए गए प्रावधानों की पुनः जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में भगत राम, नरेश कुमार, परस राम, राजपाल, धर्मपाल, कमला देवी, इंद्रा देवी, कौशल्या देवी, रमा देवी, मनोहर लाल, दिला राम, हरिंदर सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।



