नर्सिंग के क्षेत्र में मेहनत और लगन के दम पर हासिल की बड़ी सफलता, गांव व अर्की क्षेत्र का नाम किया रोशन।
ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत दसेरन के गांव दसेरन की बेटी सरस्वती (मोनू) ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर नर्सिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है।

सरकारी स्कूल से शिक्षा शुरू करने वाली सरस्वती (मोनू )ने वर्ष 2026 में कैंसर हॉस्पिटल मुंबई की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर परीक्षा में पूरे भारत में तीसरा स्थान (ऑल इंडिया रैंक-3) हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे अर्की क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

सरस्वती , पुत्री स्वर्गीय सूबेदार कर्म सिंह पंवार, की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धूंदन से हुई। इसके बाद उन्होंने सरकारी कॉलेज मंडी से जीएनएम की पढ़ाई पूरी की और आगे पीजीआई चंडीगढ़ से बीएससी नर्सिंग की शिक्षा हासिल की।

नर्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सरस्वती ने लगातार मेहनत जारी रखी। वर्ष 2019 में उन्होंने 32 हॉस्पिटल, चंडीगढ़ में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर सरकारी नौकरी हासिल की। हालांकि उनका लक्ष्य देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स में सेवाएं देना था। इसी लक्ष्य को सामने रखते हुए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और वर्ष 2021 में एम्स की परीक्षा उत्तीर्ण कर एम्स गोरखपुर में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर नियुक्ति प्राप्त की।

घर से दूर रहकर भी उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना जारी रखा। वर्ष 2023 में कैंसर हॉस्पिटल की नर्सिंग ऑफिसर परीक्षा उत्तीर्ण कर उन्होंने होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, न्यू चंडीगढ़ में सेवाएं शुरू कीं। इसके बाद वर्ष 2026 में उन्होंने कैंसर हॉस्पिटल मुंबई की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-3 हासिल कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवाया।
वर्तमान में सरस्वती मोनू होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, न्यू चंडीगढ़ में ग्रेड-1 सीनियर नर्सिंग ऑफिसर के पद पर सेवाएं दे रही हैं।

सरस्वती की सफलता की खास बात यह है कि उनका सफर गांव के सरकारी स्कूल से शुरू होकर देशभर में तीसरी रैंक तक पहुंचा है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और दसेरन गांव के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अर्की क्षेत्र की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करती हैं।
