ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- भूमती-शिमला सड़क मार्ग पर स्थित डाडल क्रॉसिंग में वर्षा शालिका (बस प्रतीक्षालय) का निर्माण किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। पूर्व प्रधान योगेश गौतम ने कहा कि इस स्थान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, कर्मचारी, महिलाएं, बुजुर्ग तथा अन्य यात्री बसों का इंतजार करते हैं, लेकिन उनके लिए कोई छायादार या सुरक्षित प्रतीक्षा स्थल उपलब्ध नहीं है।

योगेश गौतम ने बताया कि डाडल क्रॉसिंग क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है, जहां से आसपास के कई गांवों के लोग नियमित रूप से बस सेवाओं का उपयोग करते हैं। बरसात के दौरान यात्रियों को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ता है, जबकि गर्मियों में तेज धूप और सर्दियों में कड़ाके की ठंड के बीच भी उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसका सबसे अधिक प्रभाव स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सड़क के मोड़ पर स्थित इस स्थान पर बसों का नियमित ठहराव होता है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए अब तक वर्षा शालिका का निर्माण नहीं किया गया है। इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग का ध्यान भी आकर्षित किया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
योगेश गौतम ने कहा कि बरसात के दिनों में अचानक मौसम खराब होने पर यात्रियों के पास सुरक्षित स्थान नहीं होता, जिससे उन्हें भीगने के साथ-साथ सड़क किनारे खड़े रहने के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

उन्होंने प्रदेश सरकार, लोक निर्माण विभाग तथा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से डाडल क्रॉसिंग पर शीघ्र आधुनिक वर्षा शालिका का निर्माण कर बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध करवाने की मांग की। उनका कहना है कि इससे प्रतिदिन इस मार्ग से सफर करने वाले सैंकड़ो यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही इस जनसमस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।




