ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- उपमंडल अर्की के अंतर्गत बोतलीया मार्ट के सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला दाड़लाघाट द्वारा प्रमुखजन संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 400 प्रमुखजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर राष्ट्र एवं समाज से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करना रहा।समाज की वर्तमान चुनौतियों का समाधान स्वयं समाज की सक्रिय सहभागिता से हो एसा समाज का व्यवहार बने इसके लिए समाज की सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, प्रशासनिक, न्यायिक, चिकित्सा, प्रबुद्ध नागरिक, कला, क्रीड़ा एवं वैज्ञानिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुखजनों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह अतुल लिमये मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने बौद्धिक में संघ के 100 वर्षों की यात्रा, उसके उद्देश्यों और समाज में योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से की गई थी और तब से संघ व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज व राष्ट्र के उत्थान का कार्य कर रहा है।

उन्होंने वर्तमान परिवेश का उल्लेख करते हुए संघ द्वारा शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रस्तुत ‘पंच परिवर्तन’ के विषय में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण (स्व का बोध) और नागरिक कर्तव्य जैसे पांच आयामों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन बिंदुओं के माध्यम से समाज में एकता, पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को मजबूत किया जा रहा है।

बैठक के दौरान संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
इस अवसर पर हिमाचल प्रांत के प्रांत प्रचारक संजय कुमार, दाड़लाघाट जिला के संघ चालक धनीराम, सह जिला संघ चालक भगतराम सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






