ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज – विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर उपमंडल अर्की के खंड चिकित्सा कार्यालय के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम अर्की निशांत तोमर ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने उन्हें शाल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आईटीआई के छात्र, विभिन्न समाजसेवी संगठनों के सदस्य तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने क्षय रोग यानी टीबी के लक्षण, जांच और बचाव को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीबी से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि समय पर जांच, सही उपचार और डॉक्टरों की सलाह से इस बीमारी को पूरी तरह हराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत और टीबी मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है।

डॉ. मुक्ता रस्तोगी ने यह भी बताया कि उपमंडल के औद्योगिक क्षेत्र दाड़लाघाट में मजदूरों और आम लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग समय रहते जांच और उपचार के लिए आगे आएं।

एसडीएम निशांत तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह भारत ने पोलियो उन्मूलन की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है, उसी प्रकार देश अब टीबी मुक्त भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने टीबी चैम्पियनों को बधाई देते हुए कहा कि वे समाज में यह संदेश फैलाएं कि टीबी कोई लाइलाज या छुपाने वाली बीमारी नहीं है। समय पर उपचार शुरू होने पर इसका पूरी तरह उन्मूलन संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी जांच करवाते रहें और टीबी के लक्षण महसूस होने पर बीमारी को छुपाने के बजाय तुरंत स्वास्थ्य संस्थान में संपर्क करें।

इस अवसर पर टीबी से जंग जीतने वाले योद्धाओं, टीबी उन्मूलन टीम, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, छात्रों, समाजसेवियों और एनजीओ सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में एचआईवी काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल ने मंच संचालन किया। उन्होंने भी उपस्थित लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर जांच ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

इस मौके पर मानव कल्याण समिति से सी.डी. बंसल, समाजसेवी रोशन लाल वर्मा, नया सवेरा जनकल्याण समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष एडवोकेट भीम सिंह ठाकुर, सचिव प्रीतम सिंह सहित अस्पताल प्रबंधन और अन्य लोग मौजूद रहे।




