कुरुक्षेत्र विवि में पढ़ चुके उच्च पद पर आसीन लोगों को अवार्ड से नवाजा
बददी के वरिष्ठ पत्रकार के अलावा कई उद्यमी भी हुए विभूषित
ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज ,अर्की,11 अप्रैल
नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्टस हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष एवं बददी के वरिष्ठ पत्रकार रणेश राणा को पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतू कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्धारा सम्मानित किया गया है। विदित रहे कि कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय पिछले कई वर्षोें से कानून, पत्रकारिता, सांईस, पर्यावरण, इंडस्ट्रियल टृेड आदि विषयों में पढ़ाई कर सामाजिक, व्यापारिक, राजनीतिक या औद्योगिक क्षेत्र में नाम कमाने वाले अपने पूर्व छात्रों को सम्मानित कर रहा है ! इसी कड़ी में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे रणेश राणा को कुरुक्षेत्र वि.वि. के उप कुलपति प्रो. एस.एन सचदेवा एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की निदेशक प्रो. बिंदू शर्मा ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया !

उन्होने राणा के अब तक के पत्रकारिता के सफर व सामाजिक योगदान की सराहना की । गौरतलब है कि रणेश राणा ने 1996 में साप्ताहिक समाचार पत्र से पत्रकारिता में कदम रखने के बाद 5 अक्तूबर 1999 को दैनिक जागरण के साथ सफर शुरु किया था। वर्ष 2004 में इसी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में डिग्री प्राप्त की थी और एक लंबा सफर तय करने के बाद रणेश राणा 2009 में प्रेस क्लब बददी के संस्थापक अध्यक्ष बने। उसके बाद उनका पत्रकारिता के क्षेत्र विशेषकर हिंदी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान रहा ! विशेषकर ग्रामीण व विकासात्मक पत्रकारिता में उनकी कलम ने नए आयाम स्थापित किए।

बददी बरोटीवाला नालागढ़ में हुए औद्योगिक विकास को सकारात्मकम तरीके से प्रोत्साहित करने में उनका दृष्टिकोण बहुत ही प्रभावी रहा और प्रदेश की खूबियों व आकर्षण को उन्होने अपनी कलम से बखूबी उकेरा ताकि निवेशक यहां ज्यादा से ज्यादा आकर्षित हो सकें। वर्ष 2018 में 16 नवंबर को उन्हे पूरे हिमाचल से आए पत्रकारों ने भारत के सबसे बडे पत्रकार संगठन नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्टस (इंडिया) की प्रादेशिक इकाई हिमाचल प्रदेश यूनियन आफ जर्नलिस्टस (पंजी) का राज्य अध्यक्ष चुना। उसके बाद से लगातार वह पत्रकारों व मीडीया जगत के हितों को देश प्रदेश के मंचो पर उठाते रहे हैं। पत्रकारों की मांगों को लेकर उनके नेतृत्व में 17 नंवबर 2020 को हिमाचल प्रदेश का सबसे बडा धरना प्रदर्शन व अंादोलन जिला मुख्यालय हमीरपुर में हुआ था जिसमें तीन सौ से ज्यादा कलम के सिपाहियों ने भाग लिया था। रणेश राणा का जन्म 9 फरवरी 1978 में बददी में एक किसान परिवार हुआ !

उन्होने बददी राजकीय स्कूल से मैट्रिक करने के बाद भिवानी से टैक्सटाईल मशीनरी में 1996 में डिप्लोमा किया लेकिन बददी आकर टैक्सटाईल नौकरी को तव्वजो न देकर स्वरोजगार के साथ पत्रकारिता में कैरियर शुरु किया। राणा की छवि एक शांत, सौम्य लेकिन संघर्षशील युवा की मानी जाती ! उन्होने हमेशा फील्ड रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दी ! उन्होने गांव से जुड़े मुददे उठाने के लिए गांव गांव सफर किया। पत्रकारिता के साथ साथ वह लंबे समय से अपनी हिमालय एन.जी.ओ के माध्यम से सामाजिक क्षेत्र में भी विकास के कई आयाम स्थापित कर चुके हैं।

प्रेस क्लब बददी के अध्यक्ष के नाते बददी में प्रेस कलब भवन बनाना उनका सपना था जो कि 2017 में साकार हुआ। बददी इंडस्ट्रियल एरिया में लघु उद्योग भवन बनवाकर एम.एस.एम.ई इंडस्ट्रीज को बैठकों के लिए सभागार मुहैया करवाया। बददी में उनकी एनजीओ के माध्यम से महाराणा प्रताप नगर बददी में सामुदायिक केंद्र निर्माणाधीन है जो कि चंद दिनों में जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। अब उनका सपना बददी के निकट शीतलपुर में नेचर पार्क बनाने का है ताकि लोग सुबह शाम यहां सैर कर सके और प्रकृति यानि जल जंगल जमीन का महत्व समझ सके।

