
ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज़:-राकेश कुमार/आशीष गुप्ता//दाड़लाघाट) वैसे तो हिमाचल प्राचीन संस्कृति और अपने लौक गीतों के लिए मशहूर है लेकिन अब रैप संगीत और रैप कलाकार भी युवाओं के बीच में एक विशेष स्थान बना रहे हैं।ऐसे ही एक रैप कलाकार है “सम्मोहन”।जिला सोलन (अर्की) के मलावन गांव से सम्बन्ध रखने वाले मोहन बंसल एक उभरते हुए कलाकार है जिन्हे आज सम्मोहन के नाम से भी युवा जान रहे हैं।

सम्मोहन अपनी ज़िन्दगी को अपने गानों में पेश करते हैं जिसे वो ‘ “हिप-हॉप” कहते हैं।बातचीत के दौरान हमने सम्मोहन से “हिप-हॉप” के बारे में जानने की कोशिश की।सम्मोहन का कहना है कि समाज में और अपने साथ होने वाली घटनाओं को संगीत पर व्यक्त करना “हिप-हॉप” है। “हिप-हॉप” एक जरिया है लोगो तक अपनी बात पहुंचाने का।सम्मोहन की बचपन से ही संगीत की तरफ विशेष रुचि थी जो वक़्त के साथ रैप की तरफ विकसित हो गई।

शौक़ के रूप में शुरू हुआ रैप उनके लिए अब जुनून बन चुका है।स्नातक डिग्री बीच में छोड़ने के बाद अब वह रैप की तरफ ही पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।सम्मोहन का कहना है कि रैप में करियर बनाने के लिए दस-दस वर्ष भी लग जाते हैं पर वो रैप के प्रति दृढ़ है और जल्द ही अपना मुकाम हासिल करेंगे।हाल ही में सम्मोहन का नया गाना “भोलेनाथ मेरे” जो कि उनके यूट्यूब चैनल पर शिवरात्रि के समय आया था,जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं।सम्मोहन आगे भी ऐसे ही गीत पेश करते रहेंगे और जल्द ही अपनी एक नई एलबम लेकर आएंगे।

