ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज- अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर विकास खंड सोलन की पट्टा बरावरी पंचायत स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। मंदिर के प्रथम स्थापना महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

रविवार सुबह से दोपहर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। चारों ओर “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय सनातन धर्म प्रचारक एवं प्रसिद्ध कथावाचक हरिजी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति में अटूट आस्था, सत्कर्मों और अक्षय फल का प्रतीक है। उन्होंने सभी को धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
जानकारी देते हुए श्री हरिजी सेवाधाम ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी एवं पूर्व बीडीसी सदस्य डीडी कश्यप ने बताया कि सुबह 8 बजे से ही मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने भगवान श्री बांके बिहारी के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और संगीतमय प्रस्तुतियों का क्रम निरंतर चलता रहा, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया। दोपहर बाद भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। स्वयंसेवकों ने सेवा भाव से व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे कार्यक्रम अनुशासित और सफल रहा।

मंदिर के पुजारी आचार्य राजेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2025 में मंदिर, शिव परिवार तथा खाटू श्याम मंदिर की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हरिजी महाराज के करकमलों द्वारा संपन्न हुई थी। तब से यह मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।


