ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- उपमंडल अर्की के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घनागुघाट में अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

विद्यालय के मीडिया प्रभारी पुष्पेंद्र कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और स्टाफ को आग या अन्य आपात स्थितियों में सुरक्षित एवं त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम की शुरुआत अलार्म के साथ हुई।

विद्यार्थियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में निर्धारित निकास मार्गों से शांतिपूर्वक बाहर निकलकर खुले मैदान में एकत्रित होकर उपस्थिति दर्ज करवाई। अग्निशमन विभाग अर्की के प्रभारी अशोक कुमार ने विद्यार्थियों को आग के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रसोई, बिजली और रासायनिक आग को बुझाने के लिए अलग-अलग अग्निशामक यंत्रों का उपयोग किया जाता है। साथ ही धुएं से बचने और सुरक्षित बाहर निकलने के तरीके भी बताए।

इसके बाद अग्निशमन अधिकारियों मनसा राम और किशोरी लाल ने डीसीपी, फोम और कार्बन डाइऑक्साइड अग्निशामक यंत्रों का लाइव प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने भी अभ्यास कर आग बुझाने की प्रक्रिया सीखी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय शर्मा ने कहा कि ऐसे अभ्यास विद्यार्थियों में जागरूकता के साथ-साथ सेवा भाव भी विकसित करते हैं और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करते हैं।

एनएस प्रभारी सुनीता ठाकुर ने कहा कि इस प्रकार का प्रशिक्षण स्वयंसेवकों को आपदा के समय सहायता करने में सक्षम बनाता है। रेड क्रॉस प्रभारी पुष्पेंद्र कौशिक ने प्राथमिक उपचार और घबराहट से बचने के महत्व पर जोर दिया। वहीं आपदा प्रभारी एवं डीपीई जोगिंदर कुमार ने बताया कि नियमित मॉक ड्रिल से ही किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने की शपथ ली। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं व विद्यार्थी उपस्थित रहे।




