ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की इकाई ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया और कार्यकारी परिषद (EC) को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़ी समस्याओं पर शीघ्र समाधान की मांग उठाई।

एसएफआई के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में छात्र लंबे समय से हॉस्टल, पेयजल और बुनियादी ढांचे की समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई छात्रावासों में स्वच्छ पेयजल की कमी है, जबकि मरम्मत के अभाव में शौचालय, कमरों और पाइपलाइन की स्थिति खराब बनी हुई है। श्रीखंड बॉयज हॉस्टल के नवीनीकरण कार्य में भी देरी पर संगठन ने नाराजगी जताई और इसे जल्द पूरा करने की मांग की।

संगठन ने विश्वविद्यालय में बसों की संख्या कम होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले आठ बसें संचालित होती थीं, जो अब घटकर तीन रह गई हैं, जिससे छात्रों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। एसएफआई ने नई बसें खरीदने की मांग की।
इसके अलावा गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में देरी और प्रोफेसर नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए। संगठन ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जानी चाहिए।

एसएफआई ने नई शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इसे लागू करने से पहले व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। साथ ही विश्वविद्यालय के बजट में कटौती पर चिंता व्यक्त करते हुए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग की गई।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

