ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज। क्षेत्र के आराध्य देव दानों देवता की वार्षिक जात्रा का समापन शनिवार को गहरी श्रद्धा, आस्था और भावुकता के माहौल में हुआ। दो दिवसीय इस भव्य धार्मिक आयोजन के समापन अवसर पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर देवता को विदाई दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु देव दर्शन के लिए उमड़ पड़े और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

विदाई समारोह के दौरान “जय देवता” के जयकारों से पूरा कुनिहार क्षेत्र गूंज उठा। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों और रणसिंघों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। देवता के रथ के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने देवता से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

देवता के गुरों और बजंतरियों की अगुवाई में सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न किए गए। इसके पश्चात पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देव रथ को अगले पड़ाव के लिए रवाना किया गया। विदाई के इस भावुक क्षण में कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और उन्होंने अगले वर्ष देवता के पुनः आगमन की कामना की।

जात्रा के दौरान क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने देव दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे आयोजन में देव संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली, जहां श्रद्धालु भक्ति में डूबकर जयकारे लगाते रहे और पूरा क्षेत्र धार्मिक रंग में रंग गया।

जात्रा के दौरान दानों देव के गुरों द्वारा पंची की रस्म भी निभाई गई, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया। यह परंपरा स्थानीय देव संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जिसे देखने और सुनने के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

इसके साथ ही आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने देर रात तक भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्थाएं सराहनीय रहीं।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि जात्रा को सफल बनाने में कुनिहार क्षेत्र के सभी लोगों का विशेष सहयोग रहा, जिसके लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की आस्था और एकता का प्रतीक है।
इस अवसर पर कुनिहार के वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और युवा मौजूद रहे। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने एक बार फिर दानों देवता के प्रति लोगों की गहरी आस्था को उजागर किया।

कार्यक्रम में राजेंद्र ठाकुर, जगदीश अत्री, राकेश ठाकुर, अजय जोशी, मनमोहन शर्मा, देवेंद्र कुमार उपाध्याय, अरविंद जोशी, रितेश जोशी, आशीष द्विवेदी, मुकेश शर्मा, पंकज भारद्वाज, प्रदीप पुरी, रोहित जोशी, ललित जोशी, यशु शर्मा, भूपेंद्र भारद्वाज, राजीव शर्मा, बोवी कंवर व महेंद्र कंवर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

