ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज – हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई, जहां नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सदन की कार्यवाही से पहले ही विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

इस दौरान भाजपा विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को नियम 75 के तहत विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) का नोटिस सौंपा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों में सदन के भीतर और बाहर बार-बार असत्य और भ्रामक बयान दिए हैं, जो संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है।

मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन वर्तमान सरकार इन मूल्यों पर खरा नहीं उतर रही। उन्होंने कहा कि सरकार के पास न तो ठोस उपलब्धियां हैं और न ही स्पष्ट तथ्य।
विपक्ष ने आंकड़ों के आधार पर सरकार की विभिन्न योजनाओं पर सवाल उठाए। महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की योजना को लेकर उन्होंने कहा कि घोषित लाभार्थियों और खर्च के आंकड़ों में स्पष्ट विरोधाभास है। इसके अलावा सुख आश्रय योजना में सीमित लाभ, ऑर्गेनिक फार्मिंग और गोबर खरीद योजना की कमजोर स्थिति को भी उन्होंने उजागर किया।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के कार्यों की बजाय विज्ञापनों और होर्डिंग्स के माध्यम से अपनी छवि चमकाने में अधिक रुचि ले रही है, जबकि धरातल पर योजनाओं का असर नगण्य है। उन्होंने केंद्र सरकार से मिल रही वित्तीय सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने हिमाचल को रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के तहत बड़ी राशि दी है, इसके बावजूद राज्य सरकार अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के हर कथित झूठ को उजागर करते रहेंगे और अब इस प्रिविलेज मोशन पर विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।




