ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज : सिविल अस्पताल अर्की में महिलाओं एवं पुरुषों के स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को कैंसर, मातृ स्वास्थ्य तथा एएनसी (गर्भावस्था पूर्व एवं दौरान देखभाल) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करना रहा, ताकि लोग समय रहते जांच, उपचार और आवश्यक सावधानियां अपनाकर स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकें।

कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सपना ठाकुर ने गर्भवती महिलाओं को एएनसी देखभाल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, आयरन और कैल्शियम की गोलियों का सेवन, आवश्यक टीकाकरण तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में ही स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराने पर बल देते हुए कहा कि इससे मां और शिशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

इस अवसर पर सिविल अस्पताल अर्की, जिला सोलन के एचआईवी काउंसलिंग एवं टेस्टिंग सेवाओं के काउंसलर विजय कुमार शांडील ने उपस्थित महिलाओं और पुरुषों को कैंसर के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान होने पर इसका उपचार संभव है। उन्होंने स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, मुख कैंसर और फेफड़ों के कैंसर जैसे सामान्य प्रकारों के लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि लगातार खांसी, असामान्य गांठ, अनियमित रक्तस्राव, अचानक वजन कम होना तथा लंबे समय तक न भरने वाले घाव जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

उन्होंने तंबाकू, गुटखा, शराब, असंतुलित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता को कैंसर के प्रमुख कारण बताते हुए लोगों से नशे से दूर रहने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित आहार लेने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि सरकारी अस्पतालों में अनेक जांच और परामर्श सेवाएं निःशुल्क अथवा रियायती दरों पर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ आमजन को उठाना चाहिए।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में आशा कार्यकर्ता सुनीता बंसल और उषा देवी का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कार्यक्रम के समन्वय, प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि “रोकथाम ही सबसे बेहतर इलाज है”, इसलिए नियमित जांच, सही जीवनशैली और समय पर उपचार अपनाकर अनेक गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।



