ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन सोलन के संयोजक एवं वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर ने चिट्टा सप्लाई में संलिप्त पाए गए पुलिस कर्मियों पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि जिन पर समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वही नशे जैसे जघन्य अपराध में लिप्त पाए गए।
धनीराम तनवर ने कहा कि समाचार पत्रों और मीडिया में सामने आई जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के 11 पुलिस कर्मियों को चिट्टा सप्लाई में शामिल पाए जाने पर विभाग ने उन्हें डिसमिस कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल बर्खास्तगी ही ऐसी गंभीर आपराधिक संलिप्तता की पर्याप्त सजा हो सकती है?

उनका कहना है कि इंस्पेक्टर रैंक तक के अधिकारियों का इसमें शामिल होना पूरे पुलिस विभाग पर एक बदनुमा दाग है, जिससे समाज में विभाग की छवि को भारी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने दो टूक कहा कि यदि अपराध ही करने थे तो पुलिस में भर्ती क्यों हुए? ऐसे लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। जिनके नाम अब अपराधियों की सूची में दर्ज हो चुके हैं, उन्हें कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि एक स्पष्ट संदेश जाए और भविष्य में कोई भी वर्दी की आड़ में अपराध करने का दुस्साहस न कर सके।
धनीराम तनवर ने कहा कि पुलिस विभाग की गरिमा और विश्वास बहाल करने के लिए यह जरूरी है कि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और उन्हें उदाहरण बनाया जाए। उन्होंने समाज के हर वर्ग से नशे के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने की भी अपील की।

