ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज़- अर्की मुख्यालय की अंबेडकर मार्केट में जलभराव की समस्या अब एक गंभीर और नियमित संकट बन चुकी है, लेकिन इसके समाधान की दिशा में प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। रविवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद एक बार फिर सड़क मार्ग में पानी भर गया और मुख्य सड़क तालाब में तब्दील हो गई।

हालांकि आज रविवार होने के कारण अधिकतर दुकानें बंद रहीं, लेकिन स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अन्य दिनों में जब बारिश होती है, तो यही दुश्वारियां सामने आती हैं। सड़क पर पानी भर जाता है और जब तेज गति से वाहन गुजरते हैं, तो सारा गंदा पानी दुकानों में घुस जाता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। वहीं पैदल राहगीरों के ऊपर भी यह गंदा पानी उछल कर गिरता है।

वरिष्ठ अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार शर्मा ने इस स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह प्रशासन की लापरवाही और अनदेखी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि हर बार बारिश में यही हालात बनते हैं। नालियों की सफाई नहीं होती और कई जगह तो निकासी की व्यवस्था ही नहीं है। प्रशासन की चुप्पी अब जनता के बीच सवाल खड़े कर रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि पुराने बस अड्डा क्षेत्र और उसके पीछे से बहकर आने वाला पानी सीधा अंबेडकर मार्केट में इकट्ठा हो जाता है और जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है।

उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी सड़क मार्ग से एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, पुलिस थाना और कोर्ट परिसर के लिए लोग सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतरते हैं। बारिश का पानी इन सीढ़ियों से भी नीचे बहता है और ऊपर से तेज गति से गुजरने वाले वाहनों के कारण उछलकर वापस ऊपर तक आ जाता है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय दुकानदारों और निवासियों की ओर से यह मांग लगातार उठाई जा रही है कि अंबेडकर मार्केट क्षेत्र में जल निकासी के लिए स्थायी और योजनाबद्ध समाधान किए जाएं। कुछ स्थानों पर नए निकासी मार्ग बनाए जाएं ताकि एक ही जगह पर सारा पानी इकट्ठा न हो और यह समस्या भविष्य में न दोहराई जाए।





