ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज:- हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक शिक्षा निदेशालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण शर्मा व त्रिलोक ठाकुर ने की। इस बैठक में 10 जिलों व विभागीय संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में कर्मचारियों के मध्य महासंघ के प्रति फैलाई जा रही भ्रांतियों को लेकर विशेष चर्चा की गई।

महासंघ के पूर्व महासचिव गोपालकृष्ण शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों में आपसी गुटबाजी के चलते महासंघ के यह हश्र हुआ है। इस गुटबाजी को दूर करने के लिए महासंघ ने गत वर्ष 25दिसम्बर को शिमला में एक पहल की थी और यह निर्णय लिया गया था कि महासंघ के नए सिरे से चुनाव करवाये जाएंगे। इस चुनाव प्रक्रिया में हर कर्मचारी भाग लेगा।

इस चुनाव प्रक्रिया में जो चुनकर आएगा वह प्रदेश महासंघ को चलाएगा। गोपाल शर्मा ने कहा कि कुछ कर्मचारी नेता इंटरनेट मीडिया पर महासंघ को बदनाम करने की साजिश रच रहे है। उन्होंने कहा कि महासंघ एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चुनी हुई इकाई होती है। इसमे केवल अराजपत्रित कर्मचारी जो कि नियमित हो,वे ही सदस्य होते है।बोर्ड व निगम के कर्मचारी इसके सदस्य नही होते। राजपत्रित कर्मचारियों को भी इसमे शामिल नही किया जाता और न ही दैनिक वेतनभोगी,कम्पनी के सैलरीड कर्मचारी इसके सदस्य होते है। महासंघ एक संविधान के तहत चलता है। कोई भी महासंघ के विरुद्ध बयानबाजी करेगा तो उसे सहन नही किया जाएगा। बैठक के दौरान महासंघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व पूरे मंत्रिमंडल का पुरानी पेंशन बहाली के लिए आभार भी जताया।
इस दौरान इस बैठक में नरवीर शर्मा,लायकराम रघुवंशी,रविन्द्र मेहता,सुरेन्द्र नड्डा व गुलेरिया भी उपस्थित रहे।




