डीए एरियर और मेडिकल बिलों के भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी, जेसीसी का गठन कर बैठक बुलाने की उठाई मांग।
ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज। पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों, महंगाई भत्ते के एरियर और चिकित्सा बिलों का भुगतान न होने को लेकर पेंशनरों में नाराजगी बढ़ रही है। पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन की पट्टाबरवारी-हरिपुर इकाई ने प्रदेश सरकार से लंबित देनदारियों का जल्द भुगतान करने तथा संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) का गठन कर बैठक बुलाने की मांग की है।

संगठन की पट्टाबरवारी-हरिपुर इकाई की मासिक बैठक सोमवार को पेंशनर कार्यालय पट्टाबरवारी में अध्यक्ष जगदेव गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। जगदेव गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनवरी 2016 से छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू किए जाने के बावजूद संशोधित वेतनमान से जुड़े कई वित्तीय लाभ पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब तक नहीं मिल पाए हैं। इससे पेंशनरों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए अनेक कर्मचारी अभी भी अपने वित्तीय लाभों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई पेंशनरों को लीव इनकैशमेंट, पेंशन कम्यूटेशन और ग्रेच्युटी के एरियर का भुगतान नहीं हुआ है। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली ये राशियां पेंशनरों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती हैं, इसलिए इनके भुगतान में देरी चिंता का विषय है।जगदेव गर्ग ने महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जुलाई 2022 से मार्च 2024 तक की अवधि के 4 प्रतिशत डीए एरियर और जनवरी 2023 से सितंबर 2024 तक की अवधि के 4 प्रतिशत डीए एरियर का भुगतान भी लंबित बताया जा रहा है। उन्होंने 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते के भुगतान की मांग करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच पेंशनरों को उनके वित्तीय लाभ समय पर मिलना आवश्यक है।बैठक में लंबित चिकित्सा बिलों की अदायगी का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। जगदेव गर्ग ने कहा कि अधिक आयु के पेंशनरों को दवाइयों और उपचार पर काफी खर्च करना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल बिलों का भुगतान समय पर नहीं होने से उनकी आर्थिक कठिनाइयां बढ़ जाती हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से विभिन्न विभागों में लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने और अदायगी शीघ्र सुनिश्चित करने का आग्रह किया।उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) का गठन कर जल्द बैठक बुलाने की मांग भी की। उनका कहना था कि जेसीसी की बैठक के माध्यम से पेंशनरों की मांगों पर चर्चा कर लंबित मामलों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।बैठक में पट्टाबरवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी समस्या भी सामने आई। जगदेव गर्ग ने कहा कि यहां तैनात चिकित्सा अधिकारी को बार-बार धर्मपुर स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर भेजे जाने से स्थानीय लोगों को उपचार संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारी धर्मपुर से आग्रह किया कि पट्टाबरवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक को अन्यत्र ड्यूटी पर न भेजा जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को नियमित रूप से स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।बैठक में संगठन के मुख्य संरक्षक एवं जिला मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप, कोषाध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप, नेकीराम कौंडल, उपाध्यक्ष दूनीचंद ठाकुर, महासचिव भरत राम, अमरचंद, राजिंदर शर्मा, अमर लाल कश्यप, विशन दास और दीनानाथ गर्ग सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संगठन की ओर से जारी प्रेस बयान में जिला मीडिया प्रभारी एवं इकाई के मुख्य संरक्षक डीडी कश्यप ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि प्रदेश सरकार पेंशनरों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगी और लंबित वित्तीय लाभों तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान करेगी।


