ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज । सिविल अस्पताल अर्की में विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे एक माह के जागरूकता अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुक्ता रस्तोगी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस पहल का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को मौखिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराना और उन्हें समुदाय स्तर पर सही जानकारी देने के लिए तैयार करना रहा, ताकि वे गांव-गांव जाकर लोगों को दांतों और मुंह की स्वच्छता के प्रति जागरूक कर सकें।

इस दौरान एचआईवी काउंसलिंग एवं परीक्षण सेवाओं से जुड़े काउंसलर डॉ. विजय कुमार शांडिल ने बताया कि मौखिक स्वास्थ्य केवल दांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। उन्होंने चेताया कि लापरवाही के कारण दांतों की सड़न, मसूड़ों की बीमारी, मुंह के छाले, दुर्गंध और यहां तक कि मुंह के कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को दिन में दो बार ब्रश करने, संतुलित आहार लेने, तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहने तथा नियमित दंत जांच करवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने को कहा। साथ ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरों में विशेष जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

स्वास्थ्य पर्यवेक्षक भूषण वर्मा ने आशा कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य विभाग की अहम कड़ी बताते हुए कहा कि उनके माध्यम से ही योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं। उन्होंने सभी से अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता और दांतों की देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान सही तरीके से ब्रश करने, दांतों के बीच की सफाई तथा मुंह की नियमित जांच से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं पर भी जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को मुंह में कोई असामान्य समस्या दिखाई दे, तो उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाए।

यह अभियान 20 मार्च से 20 अप्रैल तक विभिन्न गांवों और स्वास्थ्य संस्थानों में जारी रहेगा, जिसके माध्यम से आमजन में जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के अंत में आशा कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।



