आशीष गुप्ता//दैनिक हिमाचल न्यूज:- अर्की उपमंडल के दावटी पंचायत के दाती गांव के बागवान राजेश शर्मा ने 5200 फुट की ऊंचाई पर सेब की विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर एक मिसाल पेश की है। ऊपरी पहाड़ी इलाको में होने वाली सेब की किस्मो में जिरोमाइन,रेडलम गला एंड एसएस-दो प्रजाति के सेब को राजेश शर्मा ने अपनी जमीन में उगाया।

उनकी प्रसन्नता का तब कोई ठिकाना ना रहा जब सेब के पौधे ने तीन वर्ष में फल देना प्रारंभ कर दिया। बागवान राजेश शर्मा शिमला स्थित सचिवालय में नोकरी करते हैं,लेकिन सुबह शाम पशुपालन,सब्जियां तथा फलदार पौधे लगाना उनकी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा व शौक बन गया है। राजेश शर्मा ने सेब की पैदावार करने का निर्णय करते हुए वर्ष 2020 में 200 पौधों के साथ इस कार्य की शुरुआत की।

आज इन्होंने लगभग ढाई बीघे भूमि पर सेब के पौधे लगाकर मिसाल पेश की है। राजेश ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से तीसरे साल में ही के सैंपल लिए जिसमे साइज और कलर दोनो अच्छे आए। राजेश ने तैयार सेब को बाजार में भी उतारा है। राजेश ने कहा कि अगर बागवानी विभाग के उच्च अधिकारी सेब के पौधों का निरीक्षण व जांच करे तो यहां के अन्य लोग भी सेब की खेती की और प्रेरित होकर अपनी आर्थिक स्थिति को दोगुना कर सकेंग। राजेश शर्मा का कहना है कि इस प्रकार के किस्मों के सैंपल लेने से सिद्ध हो गया है कि उनके क्षेत्र में जहां कि ऊंचाई 5200 फीट हैं,सेब की बागवानी के लिए उपयुक्त है।

बागवान राजेश सेब के साथ प्लम की भी लेटेस्ट किस्में अंजलनो,क्वीन रोसा,फ्रायंटियर,फ्रिर बीए गोल्डन प्लाज्मा,प्लम कोट किस्म के साइज सैंपल लिए हैं। राजेश ने इसका सारा श्रेय अपनी माता व धर्मपत्नी को देते है जो हर स्थिति में साथ रहे। उन्होनें कहा कि यदि युवा पीढ़ी इस तरह की नई तकनीक के साथ सेब की खेती में हाथ आजमाते है तो निश्चित तौर पर वे स्वरोजगार की अग्रसर होंगे।

