ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वीरवार को दाड़लाघाट में एडवांस जीवा अमृत पर एक दिवसीय रिफ्रेशर शिविर का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण शिविर का संचालन गौ गिरी जतन संस्थान गुजरात से आए विशेषज्ञ लोविंदर ने किया। इस अवसर पर क्षेत्र के लगभग 35 किसानों ने भाग लिया। विशेषज्ञ लोविंदर ने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती में एडवांस जीवा अमृत अत्यंत प्रभावी जैविक घोल है,जो न केवल मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाता है बल्कि फसलों को अधिक स्वस्थ और रोग प्रतिरोधक भी बनाता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसान पारंपरिक रासायनिक खादों की बजाय एडवांस जीवा अमृत का उपयोग करेंगे तो इससे उत्पादन लागत कम होगी और बेहतर गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त होगी। कार्यक्रम के दौरान किसानों को एडवांस जीवा अमृत बनाने की विधि,इसके उपयोग की मात्रा तथा फसलों में इसके दीर्घकालिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञ ने समझाया कि एक बीघा भूमि में लगभग 40 लीटर एडवांस जीवा अमृत घोल का छिड़काव करना चाहिए,जिससे फसलों को संतुलित पोषण मिलेगा।

बताया गया कि जीवा परियोजना के जैव विविधता केंद्र से किसानों को एडवांस जीवा अमृत मात्र 10 रुपए प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया जाएगा,ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। शिविर में बरायली,नौणी,बागा,कोटला,कंसवाला और ठेरा,फगवाना गांव के किसानों ने सक्रिय भागीदारी की। किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि वे इसे अपने खेतों में अपनाकर प्राकृतिक खेती को नई दिशा देंगे।






