अर्की के अंतिम दाह स्थल पर संत निरंकारी मिशन द्वारा होगा ‘वननेस वन’ अभियान के पांचवें चरण का वृक्षारोपण

वर्ष दर वर्ष बढ़ती हरियाली की सौगात

निरंकारी मिशन का ‘वननेस वन’ अभियान

ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज- संत निरंकारी मिशन की हरित चेतना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाते हुए रविवार, 17 अगस्त को ‘वननेस वन’ परियोजना के पांचवें चरण के अंतर्गत अर्की शहर के अंतिम दाह स्थल को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। नगर पंचायत सचिव/प्रधान और सामाजिक संस्था के प्रधान संजय कश्यप से अनुमति प्राप्त करने के बाद मिशन ब्रांच अर्की के मुखी गरीब दास के नेतृत्व में प्रातः 6 से 9 बजे तक सेवादार और श्रद्धालु वृक्षारोपण करेंगे।

सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के मार्गदर्शन में वर्ष 2021 में आरंभ हुआ ‘वननेस वन’ केवल वृक्षारोपण का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलन और सह-अस्तित्व की भावना जगाने वाला आंदोलन है। यह संदेश देता है कि प्रकृति का संरक्षण वास्तव में जीवन और भविष्य की रक्षा है।

मिशन के अब तक लगाए गए वृक्ष समूह लघु वन का रूप ले चुके हैं। इन वनों में दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों ने भी आश्रय लेना शुरू कर दिया है, जिससे जैव विविधता को नया जीवन मिला है। यह पहल न केवल हरियाली बढ़ा रही है, बल्कि मानव और प्रकृति के बीच आत्मिक संबंध भी स्थापित कर रही है।

देशभर में अब तक 600 से अधिक स्थलों पर वृक्षारोपण किया जा चुका है। पौधों की देखभाल समर्पण और जिम्मेदारी से की जा रही है क्योंकि मिशन के लिए हर पौधा भावी पीढ़ियों की साँसों का आधार माना जाता है।

बाबा हरदेव सिंह जी का संदेश कि प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक हैं।  इस अभियान की मूल प्रेरणा है। मिशन के सेवादार पर्यावरण की शुद्धता के साथ-साथ आंतरिक पवित्रता की दिशा में भी कार्यरत हैं।

निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा के अनुसार पौधों का चयन स्थानीय पर्यावरण को ध्यान में रखकर किया जाता है और उनकी देखभाल जैविक खाद, स्वच्छ जल और आधुनिक तकनीकों से की जाती है ताकि दीर्घकालीन हरियाली सुनिश्चित हो सके।

वननेस वन’ अभियान संत निरंकारी मिशन की ओर से प्रकृति के प्रति दायित्वबोध का ऐसा उदाहरण है जो समाज को सह-अस्तित्व और संतुलन की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

LIC

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