ब्यूरो//दैनिक हिमाचल न्यूज:- अर्की क्षेत्र की सड़को पर जगह-जगह पशुओं को बेसहारा घूमते हुए देखा जा सकता है। अर्की के युवा नेता शशिकांत ने कहा कि इन बेसहारा पशुओं के झूंड क्षेत्र की बातलघाटी चौक, पौघाटी व भूमती के आसपास के क्षेत्रों में सड़कों के किनारे देखा जा सकता है।

इन पशुओं से न केवल गाडि़यो की आवाजाही बाधित होती है बल्कि इनकी चपेट में आने से कोई बडी़ दुर्घटना भी हो सकती है।

पैदल चलने वाले यात्रियों को भी इनके हमले का शिकार होने का खतरा बना रहता है। युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज ने कहा कि हर गांव में ये बेसहारा पशु जगह-जगह किसानों की लाखों रूपयें की फसलें खाकर तबाह कर जाते हैं।

जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। प्रभावित किसान हताश होकर फसल बोना ही बंद कर देता है। जिससे उसके खेत उजाड़ रह जाते है।


इस भयंकर समस्या पर सरकार व प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। इनके आवास के लिए न ही कोई व्यापक योजना है न ही गौशाला जैसा प्रबंधन है। स्थानीय नेताओं की गाडि़यों के मार्ग में भी ये पशु अवरोध उत्पन्न करते है परंतु वे इनके प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए कोई ध्यान नहीं देते। शशिकांत ने मीडिया के माध्यम से सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। क्षेत्र के वाहन चालकों, यात्रियों, राहगीरों व ग्रामीणों की फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठायें जाने चाहिए।

