
ब्यूरो,दैनिक हिमाचल न्यूज़:-(दाड़लाघाट) विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य पर अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम परियोजना के अंतर्गत विभिन्न गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस दौरान तम्बाकू और उसके उत्पादों के उपयोग तथा मनुष्य को होने वाली गंभीर बीमारियों के महत्व और जन जागृति हेतु दाड़लाघाट परिक्षेत्र के करीब 42 गांव में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत संघोई,खाली,खाता,कश्लोग,नवगांव,नौणी से होते हुए गांवों में आगे बढ़ा।स्वास्थ्य परियोजना के अंतर्गत विभीन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये गए जिसमे बच्चो ने तम्बाकू के सेवन से होने वाली पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभाव को चित्रित करने का अपनी कलात्मक विद्या क्षमता का प्रदर्शन करते हुए चित्र को चित्रांकित किया।इस कार्यक्रम में करीब 1500 से अधिक विद्यार्थियों,युवाओं,महिलाओ,किशोरियों ने तम्बाकू को छोड़ने पर बात की।तम्बाकू विश्व पर्यावरण के लिए भी घातक है।अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना के करीब 60 स्वच्छता दूतों,40 सखी बहनो और 40 अपेक्षा कार्यक्रम के किशोर और किशोरियों ने ग्राम स्तर पर चित्र कला के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति दी।इकाई प्रमुख अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड दाड़लाघाट दीपक जसूजा ने समुदाय को आगे आकर तम्बाकू और व्यसन से दूर रहने की महत्ता पर बल दिया।स्वास्थ्य कार्यक्रम समन्यक अजीत कुमार सिह ओर कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गांधी ने ग्राम जनो को आह्वान किया की तम्बाकू से मुक्ति स्वस्थ्य जीवन की शुरुवात है।वही दाड़लाघाट और चंडी परिछेत्र के विद्यार्थियों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की जिसमे तम्बाकू से होने वाली गंभीर बीमारियों मुख का कैंसर,गला का कैंसर,क्षय रोग,फेफड़े और हृदय रोग और अन्य घातक बिमारियों से मनुष्य बच सकता है।इस महत्ता पर बल दिया के सन्देश को विद्यार्थियों ने सामजिक माध्यमों के माध्यम से ग्राम स्तर पर भी प्रेषित की।अजीत कुमार सिंह ने 42 गांवों में इस कार्यक्रम को सुचारू ढंग से समन्यव करके संपादित किया।भूपेंद्र गांधी ने यह सुनिश्चित किया कि समाज मे लोक भागीदारी के माध्यम और जन समुदाय के सहयोग से मिलकर हम सब तम्बाकू और उसके विभिन्न उत्पादों जैसे बीड़ी,सिगरेट,खैनी से होने जीवन को निषेध और मुक्त कर सकते है।अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट इस कार्य हेतु सदैव तत्पर है।कार्यक्रम में सखी बहन सुनीता देवी,सीता नेगी,नीलम ठाकुर और बिमला देवी ने अपना योगदान दिया।





