ब्यूरो, दैनिक हिमाचल न्यूज – कुनिहार क्षेत्र के आसपास स्थित लगभग 20–22 पंचायतें आज भी प्रशासनिक असुविधाओं का सामना कर रही हैं। ये पंचायतें वर्ष 1966 से पहले पंजाब सरकार के अधीन थीं और बाद में हिमाचल प्रदेश में शामिल की गईं, लेकिन आज तक इनकी प्रशासनिक सीमाओं में कोई आवश्यक बदलाव नहीं किया गया।

इसका परिणाम यह है कि इन पंचायतों के लोगों को अपने विकास कार्यों के लिए आज भी कंडाघाट, सोलन व धर्मपुर जैसे दूरस्थ ब्लॉकों में जाना पड़ता है, जबकि भौगोलिक दृष्टि से कुनिहार ब्लॉक इन पंचायतों के सबसे नजदीक है।

इस गंभीर समस्या को लेकर कुनिहार विकास सभा ने आवाज बुलंद की है। सभा द्वारा मुख्यमंत्री को इस विषय में अवगत करवाया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उपायुक्त सोलन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। इसकी प्रति कुनिहार विकास सभा को भी सूचना स्वरूप प्राप्त हुई है।

कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तनवर ने कहा कि क्षेत्र की जनता वर्षों से इस परेशानी को झेल रही है। प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर-दराज जाना समय, धन और संसाधनों की बर्बादी है। उन्होंने कहा कि यदि इन पंचायतों को भौगोलिक आधार पर कुनिहार से जोड़ा जाए तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी पंचायतों में प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त सोलन को भेजें अथवा स्वयं मिलकर इस विषय को गंभीरता से उठाएं। जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दें और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
कुनिहार विकास सभा ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस लंबे समय से चली आ रही समस्या पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा और क्षेत्र की जनता को राहत मिलेगी।




