ब्यूरो//दैनिक हिमाचल न्यूज़:-
(अर्की) भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का अर्की दौरा पार्टी कार्यकर्ताओ सहित स्थानीय नेताओं को भी एकजुटता का पाठ पढ़ा गया । जेपी नड्डा की दसेरन बूथ संख्या 44 ग्रामकेन्द्र भराड़ीघाट की बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है । इस बैठक में ग्राम केंद्राध्यक्ष,बूथ अध्यक्ष,बूथ पालक,बूथ बीएलए, पन्ना प्रमुख,एक बूथ 20 महिला सखी,एक बूथ 15 किसान प्रहरी सहित करीब 167 भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

अगर इस बैठक को पहली नजर से देखा जाए तो यह अर्की विधानसभा क्षेत्र में किसी राष्ट्रीय अध्यक्ष की बूथ स्तर की पहली बैठक होगी । इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का बूथ के कार्यकर्ताओं के साथ सीधा सवांद होना व कार्यकर्ताओं के सुझाव सुनना व आने वाले दिनों में उस पर कार्य होना एक बड़ी बात रहेगी । वहीं अगर दूसरी नजर से इस बैठक को देखें तो भाजपा इस बार हिमाचल प्रदेश में सरकार रिपीट करने के मूड़ में है ओर वह इसको लेकर तैयारियों में पूरी तरह से जुट चुकी है ।

बता दे कि अर्की विधानसभा में भजापा पिछले दो विधानसभा चुनाव हारी है । जिसमें 2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी व पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भाजपा के प्रत्याशी रत्तन सिंह पाल को करीब 6 हज़ार वोटों से हराया था । जबकि विधायक वीरभद्र सिंह के निधन के बाद खाली पड़ी अर्की विधानसभा क्षेत्र की सीट पर साल 2021 के अंत में कांग्रेस के प्रत्याशी संजय अवस्थी ने भाजपा से दूसरी बार चुनाव लड़ रहे पूर्व प्रत्याशी रतन सिंह पाल को करीब 32 सौ मतों से दूसरी बार हराया था ।

इस बार कांग्रेस की जीत की हैट्रिक को रोकने के लिए भाजपा इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अर्की विधानसभा में अभी से तैयारियों में जुट गई है । अगर रविवार को अर्की विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर आए राष्ट्रीय अध्यक्ष की बात की जाए तो दाड़लाघाट मेंआयेजित स्वागत समारोह में खुली गाड़ी में जेपी नड्डा,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के साथ भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व अर्की विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी रतन सिंह पाल कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे ।

वहीं दसेरन बूथ की बैठक में भी रत्तन सिंह पॉल की मौजूदगी देखने को मिली । जिसको देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में रत्तन सिंह पॉल तीसरी बार भाजपा के प्रत्याशी हो सकते है । लेकिन अभी विधानसभा चुनाव में कुछ महीनों का समय बाकी बचा है जिसको लेकर अभी यही कहा जा सकता है कि आने वाले समय में ऊंट किस ओर करवट बदलेगा यह देखना दिलचस्प रहेगा ।

